इल्या कामिन्स्की की कविता

और जब वे दूसरों के घरों पर बम बरसा रहे थे,
हमने विरोध तो किया, लेकिन पर्याप्त नहीं.
हमने उनका विरोध किया, लेकिन पर्याप्त नहीं.
मैं अपने बिस्तर में था,
मेरे बिस्तर के इर्द-गिर्द अमेरिका भहराकर गिर रहा था :
अदृश्य मकान-दर-अदृश्य मकान-दर-अदृश्य मकान.
मैंने घर के बाहर कुर्सी रखी और सूरज को देखता रहा.
तबाही मचानेवाली हुकूमत के छठें महीने
पैसों के देश में स्थित पैसों के शहर में
पैसों की गली में स्थित पैसों के मकान में,
हम (माफ़ कीजिएगा)
युद्ध के दौरान ख़ुशी-ख़ुशी रहते रहे.

  • इल्या कामिन्स्की
    अनुवाद : गीत चतुर्वेदी

(अंग्रेज़ी कवि इल्या कामिन्स्की का जन्म यूक्रेन में हुआ था। वह अब अमेरिका रहते हैं।)