World Literature

Recent Posts

Amos Oz

अमोस ओज़ : बड़ा होकर एक किताब बनूँगा

हमारे पास सिर्फ़ एक ही चीज़ इफ़रात में थी, और वह थी- किताबें। हर जगह किताबें। दीवारों पर। दरीचों पर। गलियारे में। रसोई में। घर में घुसते ही किताबें। हर खिड़की पर रखी हुई किताबें। घर के हर कोने में भरी हुईं हज़ारों किताबें। मेरी सोच है, लोग आएँगे और

Read More »
Jaime Sabines translated by Geet Chaturvedi

ख़ाइमे साबिनेस (Jaime Sabines) की कविताएँ

ख़ाइमे साबिनेस (Jaime Sabines,1926-1999) मेक्सिको के कवि थे। नोबेल पुरस्‍कार विजेता कवि ओक्‍तावियो पास (Octavio Paz) उन्‍हें ‘स्‍पैनिश भाषा के सर्वश्रेष्‍ठ समकालीन कवियों में से एक’ मानते थे। स्‍पैनिश में उनकी कविता की दस किताबें प्रकाशित थीं। उन्‍होंने गद्य कविता में अधिक काम किया, लेकिन यह भी तथ्‍य है कि

Read More »
Geet Chaturvedi Thumbnail Adam Zagajewski

एडम ज़गाएव्स्की : युवा कवियो, सब कुछ पढ़ियो

यह कहते मुझे कम से कम, एक ख़तरा तो महसूस हो ही रहा है। पढ़ने के तरीक़ों पर  बात करते समय, या एक अच्छे पाठक की तस्वीर खींचते समय, कहीं मैं अनजाने ही यह अहसास न दे बैठूँ कि मैं ख़ुद एक परफ़ेक्ट पाठक हूँ। इस बात में  कोई सचाई

Read More »
pal aster

पॉल ऑस्टर : मकान नहीं छोड़ा, देह छोड़ दी

तीन हफ्ते पहले मुझे अपने पिता की मृत्यु की ख़बर मिली। पिता के पास कुछ नहीं था। बीवी नहीं थी, कोई ऐसा परिवार नहीं था जो सिर्फ़ उन पर निर्भर हो। यानी ऐसा कुछ नहीं था, जो सीधे तौर पर उनकी अनुपस्थिति से प्रभावित हो। उनके न रहने का दुख

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Shafak

एलिफ़ शफ़क : सामान कम होगा, तो थकान कम होगी

सबकुछ व्यवस्थित हो, और एक ख़ास क़िस्म का मौन भी हो, यह मुझे परेशान करने के लिए काफ़ी है। बरसों तक एक ही मकान में रहना, एक ही पड़ोसी को रोज़ देखना, रोज़ एक ही गली में चलना, रोज़ एक ही शहर में घूमना यह सब मेरे बस का नहीं

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Marquez

गार्सीया मारकेस : साहित्य से प्यार करने वाला चोर

वे मेरे लेखन के शुरुआती दिन थे। उस समय मैं जो तरीक़ा अपनाता था, आज के तरीक़े से एकदम अलग था। मैं अख़बार में काम करता था। दिन भर लिखता था। रात के कुछ घंटे बाहर दोस्तों के साथ रहता। वापस दफ़्तर आकर सो जाता था। सुबह उठकर फिर काम

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Szymborska

वीस्वावा शिम्बोर्स्का : कवि मीवोश के बारे में

आज मैं यह बताना चाहती हूँ कि मेरे देश पोलैंड के कवि चेस्‍वाव मीवोश व उनकी कविताओं की उपस्थिति में मैं किस क़दर घबराई रहती हूँ। एकदम शुरुआत से ही इस घबराहट की शुरुआत हो चुकी थी। फ़रवरी 1945 का समय था। मैं क्राकोव गई हुई थी। वहाँ स्टारी थिएटर

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Lianke

यान लिआनके : अंधियार तले एक धड़कता दिल खोजना

1950 के दशक के अंत और साठ के दशक की शुरुआत में समाजवाद को स्‍थापित करने के लिए चीन ने बहुत प्रयास किए थे। इस कारण देश में लगातार तीन साल तक प्राकृतिक आपदाओं को निमंत्रण मिला। तीन करोड़ लोगों की भूख से मौत हुई। इन आपदाओं के कुछ ही

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Murakami

हारुकि मुराकामी : कोई लेखक मेरा दोस्त नहीं

न तो मैं कोई बहुत बुद्धिमान व्यक्ति हूँ और न ही आक्रामक। मैं ठीक उन्हीं लोगों जैसा हूँ, जो मेरी किताबें पढ़ते हैं। मैं एक जैज़ क्लब चलाता था, ग्राहकों के लिए कॉकटेल और सैंडविच बनाता था। मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं लेखक बनूँगा। यह

Read More »
GC Blog thumbnail World Lit- Pamuk3

ओरहान पामुक – 3 : मेरी घड़ी की कहानी

मैंने अपनी कलाई पर घड़ी बाँधना 1965 में शुरू किया, जब मेरी उम्र 12 साल थी। पर पाँच साल बाद ही मैंने उसे त्‍याग दिया। तब तक वह बहुत पुरानी हो चुकी थी। किसी बड़े ब्राण्ड की नहीं थी, बिल्‍कुल सादी घड़ी थी। 1970 में मैंने ओमेगा घड़ी ख़रीदी और

Read More »

Popular Categories

hi_INहिन्दी